बचपन
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का,
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का..
बचपन में की भूल को ठीक करने को,
रिश्तों में आयी कड़वाहट को मिठास में तब्दील करने को ।
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का,
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का..
यारो से, साल में एक बार मिलने का वादा करने को,
वो बचपन की पहली मोहोब्बत का इकरार करने को ।
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का,
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का..
बचपन के बचपने को दुबारा जीने को,
वो यारो संग गली में दुबारा खेलने को ।
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का,
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का..
बचपन की याद भी बड़ी मजेदार है,
कभी पक्की दोस्ती, तो कभी उसमे दरार है..
पर फिर भी वो मेरा बचपन है, जिससे मुझे बेहद प्यार है ।
वो बचपन नही, वो बचपन मे मेरी जवानी का अरमान है,
उसी अरमान को दुबारा जीने को ।
कोई लोटा दो मुझे पिटारा मेरी यादो का, मेरे ख्वाबो का, मेरे बचपन का ।
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का,
कोई देदो मुझे पता मेरे बचपन का..
अति सुंदर
ReplyDeleteकेवल कुछ शब्दों में बचपन का बहुत खूबसूरत वर्णन |
ReplyDeleteJordar taaliya yash parashar k liye 100 rupe meri trf se
ReplyDeleteबोहोत खूब ।
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