वो बचपन मुझे चाहिये ...
वो बचपन की नादानी में,
जब पूरी हो हर मनमानी ..
वो बचपन मुझे चाहिये,
वो बचपन मुझे चाहिये ...
उस हल्की सी हंसी पे,
पापा का आइस-क्रीम खिलाना ..
उस एक बूंद आंसू से,
हर ख्वाहिश पूरी हो जाना ।
वो बचपन मुझे चाहिये,
वो बचपन मुझे चाहिये ...
गर्मियों की छुट्टी में नानी के घर जाना,
वो नानी का चेहरा पढ़कर
हर ख्वाहिश समझ जाना ।
वो बचपन मुझे चाहिये,
वो बचपन मुझे चाहिये ...
वो बचपन के मासूम सपने,
वो बचपन की नादान ख्वाहिशें, मुझे चाहिये ।
वो बचपन मुझे चाहिये,
वो बचपन मुझे चाहिये ...
वो बचपन की यारी, सारी दुनियां से प्यारी ..
वो बचपन के सपने, वो ज़िद, वो प्यार मुझे
चाहिये ..
चाहे तो तुम ले लेना मुझसे मेरी ज़िंदगी,
पर
वो बचपन मुझे चाहिये,
वो बचपन मुझे चाहिये ...
अति सुन्दर
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