वो मेरी माँ थी

जो खुश थी बोहोत,
      मेरे पहली बार रोने पर .
जो खुश थी बोहोत,
      मेरे पहली बार बोलने पर ..

वो मेरी माँ थी,
    वो मेरी माँ थी ...

जो लिया था नाम,
      मैंने बोलना सीखने पर .
जो लिया था नाम,
      मैंने चोट लगने पर ..

वो नाम माँ था,
    वो नाम माँ था ...

जो जगी थी रात भर,
      मेरे बीमार होने पर .
जो सोयी ना थी,
      कभी मेरे सोने तक ..

वो मेरी माँ थी,
    वो मेरी माँ थी ...

जाने क्यों समझ ना पाया मैं ये,
      उससे दूर जाने पर .
जाने क्यों समझ ना पाया मैं ये,
     उसके पास आने पर .. की

वो मेरी माँ थी,
    वो मेरी माँ थी ...

आज समझा हूँ किसी के दूर जाने का दर्द,
      मैं आज समझा हूँ किसी के खो जाने का दर्द .
तरसती हैं अब ये आँखे उसे देखेने को,
      तरसते हैं ये कान उसकी आवाज़ सुनने को ..

आज मैं ये समझा हूँ कि कौन थी वो,
वो और कोई नही .....
वो

वो मेरी माँ थी,
    वो मेरी माँ थी ...

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